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दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सुपेला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, कई कमियों पर की कार्रवाई

दुर्ग। दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शनिवार देर शाम को सुपेला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में कई कमियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कलेक्टर ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। यह कलेक्टर अभिजीत सिंह का सुपेला अस्पताल में पहला निरीक्षण था, जिसमें उन्होंने अस्पताल के हर वार्ड का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दवा, ब्लड बैंक, ऑक्सीजन सप्लाई और उसकी उपलब्धता का भी अवलोकन किया। अस्पताल के स्टोर रूम और फीमेल मेडिकल वार्ड में गंदगी और बिगड़ी हुई व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल के प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए।

कलेक्टर ने फीमेल मेडिकल वार्ड में देखा कि मरीजों के बिस्तर पर गंदी चादरें डली हुई थीं और एक मरीज ने बताया कि तीन दिन से चादर नहीं बदली गई थी। कलेक्टर ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. पियाम सिंह को इस व्यवस्था को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में पसरी गंदगी और पान-गुटखा के दाग को लेकर भी कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जब फिजियोथेरेपी OPD पहुंचे, तो वहां ताला बंद मिला। अस्पताल अधीक्षक से पूछने पर पता चला कि फिजियोथेरेपिस्ट रायपुर में रहती हैं और दिन में ड्यूटी के बाद वापस चली जाती हैं, जिससे शाम को OPD का संचालन नहीं हो पाता। इस पर कलेक्टर ने फिजियोथेरेपिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके अलावा, कलेक्टर ने अस्पताल के OST सेंटर को लेकर भी निर्देश दिए। अस्पताल में चल रहे OST सेंटर से नशे के आदी लोग आकर अस्पताल में गाली-गलौज, झगड़ा और चोरी करते थे। कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिया कि वे OST सेंटर को जल्द से जल्द अस्पताल के पास स्थित मरचुरी के बगल में बनी बिल्डिंग में शिफ्ट करें।

महिंद्रा शोरूम और अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने दोनों की जमीन का सीमांकन करने के निर्देश दिए। शिकायत थी कि शोरूम के बगल में अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण कर शेड बना लिया गया है। कलेक्टर ने इसे लेकर भी कार्रवाई का निर्देश दिया, ताकि वहां सड़क बन सके और मरीजों को सुविधा मिले।

संविदा कर्मचारियों ने कलेक्टर से यह भी शिकायत की कि उन्हें जो वेतन जीवनदीप समिति से मिल रहा है, वह बहुत कम है जबकि उनका काम रेगुलर कर्मचारियों के बराबर लिया जाता है। कलेक्टर ने इस पर आवेदन लिया और संविदा कर्मचारियों को जल्द ही कलेक्टर दर पर वेतन देने की बात कही।

इस निरीक्षण से साफ हो गया कि कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है और अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए हैं।

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